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Showing posts from November, 2020
 लव जिहाद तथा सम्प्रदायवाद की झलक, भूमिका:  लव जिहाद दोनों शब्द लव तथा जिहाद लगभग विपरीत हैं परंतु भाव लगभग समान ,अंग्रेजी का शब्द लव का हिंदी में अर्थ 'प्यार' होता है ,आमतौर पर आज इसकी प्रासांगिगता बहुत है चाहे वह दो प्रेमी युगलों के मध्य हों या फिर अन्य रिश्तों के मध्य आपसी समरसता और अमन शांति के लिए अर्थात मानवता की स्थापना के लिए 'प्यार' बहुत आवश्यक है ।अंग्रेजी का ये लव आजकल फैंटेसी के अर्थों में लिया जाने लगा है जहां ढेर सारा विलास मौजूद है। - जिहाद ,अक्सर जिहाद कहते ही हमारे मन में आंतकवाद और उसके धुर्वी अर्थ पाकिस्तान जम्मू -कश्मीर का दृश्य दिखाई देने लगता है । परंतु अरबी का यह शब्द 'जिहाद' जो अपने अर्थ में किसी विशेष प्रसंशनीय उद्देश्य के लिए संघर्ष करना होता है। चूंकि आज के परिपेक्ष्य में इसके दो अर्थ लिए जाते हैं,पहला 'जेहाद अल अकबर' जिसका शाब्दिक अर्थ अहिंसात्मक संघर्ष  जो समाज में फैली बुराइयों और मुख्य रूप से स्वंय के अंदर मौजूद बुराइयों के खिलाफ लड़ना। दूसरा, 'जेहाद ए असगर 'का उद्देश्य इस्लाम के लिए संरक्षण करना होता है,जब इस्लाम को...
  स्त्री पुरुष संबंधों के मध्य यौनिकता का फँसता पेंच  भूमिका -सनातन काल से जैविक सम्बन्धों में स्त्री पुरुष के मध्य संबंधों के सूत्र प्रारंभ हुए जिनमें पति -पत्नी का संबंध सबसे उत्कृष्ट माना गया।  प्रारम्भ से लेकर अबतक इन संबंधों के मध्य अनेक संबंध जैसे भाई-बहन ,चाचा-चाची,दादा-दादी,नाना-नानी,मामा-मामी,भैया-भाभी, जीजा-दीदी,भांजा-भांजी,आदि अनेक संबंधों का निर्माण हुआ। - संबंधों में कई तरह की निकटता आई जो आजके वर्चुअल वर्ल्ड ने उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचा चुकी है,परंतु संबंधों में गंभीतरता तथा ओछे पन का दौर भी बलवती हुआ है जिसका कारण भाग दौड़ की जिंदगी जहाँ  प्रत्यक्ष संवादहीनता की कमी दिखाई देती है और साथ -साथ यौनिक संबंधो का बढ़ता दायरा। -यौनिकता एक ऐसा संबंध है जिसे विवाह उपरांत उत्कृष्ट माना जाता है तथा विवाह के पूर्व इसके संबंध में कई विरोधाभास बातें चलती हैं। -यौनिकता का बढ़ता दायरा: - अतिस्योंक्ति नहीं होगी कि आज के दौर में तमाम संबंधों के मध्य यौनिकता का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। जिससे समरसता का निर्माण पति-पत्नी के मध्य सम्बन्ध शिशु की चाह रखने तथा इसके साथ-साथ पारिव...